लगाव

तुझे थामना भी तलवार पकड़ने सा तुझे छोड़ना भी छुरी का गले पे चलना सा है.... तेरे साथ रहना किसी डरावने सपने सा और तेरे बिन जीना जहन्नुम की आग में जलना सा है.... तू साथ हो तो आंखें आंसुओं का झरना सा तू ना हो तो मुस्कुराए हुए बीत जाता एक ज़माना सा है.... तेरे साथ बैठकर मैं हजार खामियों का ठिकाना सा पर तेरे ना होने पर मेरी जिंदगी एक बे हुनर तराना सा है..... - rabiya